Innovation » Telephonic Monitoring

टेलीफोनिक माॅनिटरिंेग-

   04 अगस्त 2016 से प्रतिदिन 10-10 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान पाठक/प्राचार्यों से विद्यार्थियों तथा शिक्षकों की कक्षा में उपस्थिति की जानकारी जिला शिक्षा कार्यालय से टेलीफोन के द्वारा ली जाती है। टेलीफोन द्वारा बच्चों से बात की जाती है तथा उनसे शिक्षक द्वारा पढ़ाये गये विषय तथा समझ आदि की जानकारी ली जाती है। प्रतिदिन इस प्रक्रिया को पंजीबद्ध किया जाता है। अनुपस्थित शिक्षक पर तत्काल कार्यवाही की जाती है तथा छात्रों की कम उपस्थिति पर संस्था प्रमुख को उपस्थिति बढ़ाने हेतु नोटिस दी जाती है। 95 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाले शालाओं को शाबासी दी जाती है। फलस्वरूप जुलाई-अगस्त में औसतन 70 से 75 प्रतिशत तक की उपस्थिति रहती थी, जो अब बढ़कर औसतन 85 से 90 प्रतिशत तक हो गई है। चुंकि इसेमें विशेष लागत नहीं आती है, अतः इसे राज्य के अन्य जिलों में आसानी से लागु किया जा सकता है।